DAILY REIKI (For Ist &IInd Degree)

1 अपनी मुट्ठियों को पूरे जोर से बंद करते हुए, शरीर में तीन बार अकड़न और कंपन पैदा करें। 2 एकाग्र चित्त होकर 5 से 15 मिन्ट एकाग्र मन से ¬ या अपने इष्ट का जाप करो। 3 अपनी हथेलियों को आकाश की ओर करके बाजुओं को उपर उठाओ और कहो: ‘‘हे रेकी उर्जा मेरे हाथों से प्रवाहित हो’’ ;तीन बार बोलें द्ध त्ंपेम इवजी लवनत ंतउे नचूंतके ूपजी बनचचमक चंसउे – पदअवाम ष् डंल त्मपाप सिवू तिवउ उल ींदकेष् ;त्मचमंज 3 जपउमेद्ध 4 दोनों हाथ जोड कर प्रार्थना करो: ष्हे ब्रहमाँड की सारी शक्तियों मैं अपनी रेकी करने जा रहा हूँ कृप्या मेरी मदद करो, मुझे रास्ता दिखाओं, मुझे सुरक्षा प्रदान करो, जो, मै अपनी रेकी कर सकूं। ;तीन बार कहना हैद्धष् ष्डंल ंसस जीम कपअपदम चवूमते व िजीम नदपअमतेम चसमंेम ीमसच उमए चतवजमबज उमए हनपकम उम ेव जींज प् उंल ीमंस उलेमसष् ि;त्मचमंज 3 जपउमेद्ध 5 बायें हाथ (स्मजि भ्ंदक) की पांचों उंगलियां जोड़ कर (मांगने वाली दशा) में रखो। 6 दाहिने हाथ की उंगलियों को इकट्ठा करके सहस्रार चक्र (ब्तवूद ब्ींातं) के उपर चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध बनायें। एक बार चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध बनायें तीन बार नाम लें, चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे, पांचों इकट्ठी की हुई उंगलियों को सर के चारो ओर घड़ी की उल्टी चाल ;।दजप ब्सवबा ूपेमद्ध में सर के चारों घुमाते हुये 20 – 21 बार कहो ‘‘शुद्व है, शुद्ध है, शुद्ध है (च्नतपपिमकद्धष्ण् 7 इसी प्रकार आज्ञा चक्र (ज्ीपतक मलम ब्ींातं) से लेकर मूलाधार चक्र (त्ववज ब्ींातं) तक सारे चक्रों को शुद्व करें। शुद्व ;च्नतपलिद्ध करने के बाद। 8 मूलाधार चक्र (त्ववज ब्ींातं) पर चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) बनायें तीन बार नाम लें। चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे, पाँचों उगलीयों को इक्कठा करें 11 से 21 बार घड़ी की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलो, ‘‘चार्ज है चार्ज है, चार्ज है। मूलाधार चक्र (त्ववज ब्ींातं) पर फिर चो-कू-रे बनायें तीन बार नाम लें, चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे, और हाथ रख कर रेकी दे और बोलें ‘‘हे चो-कू-रे उर्जा मेरे मूलाधार चक्रा (त्ववज ब्ींातं) को चार्ज करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेट करो, बिलकुल ठीक करो। यह बात तीन बार कहने के बाद बोलंे मेरा मूलाधार चक्र (त्ववज ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है।’’ यह बात 21 बार कहें। हाथ उठाने से पहले कहें ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ;ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमष्द्धण् 9 स्वाधिष्ठान चक्र (ैंबतंस ब्ींातं) पर चो-कू-रे बनायें तीन बार नाम लें चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे। पाँचों उगलीयों कोें को इक्कठी करें 11 से 21 बार घड़ी की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलो ‘‘चार्ज है, चार्ज, चार्ज (ब्ींतहमक) है।’’ स्वाधिष्ठान चक्र (ैंबतंस ब्ींातं) पर फिर चो-कू-रे, बनायें तीन बार नाम लो। चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे, और हाथ रख कर रेकी दे और बोलें ‘‘हे चो-कू-रे, उर्जा मेरे स्वाधिष्ठान चक्र (ैंबतंस ब्ींातं) को चार्ज करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेट करो, बिलकुल ठीक करो।’’ यह बात तीन बार कहने के बाद बोलें ‘‘मेरा स्वाधिष्ठान चक्र (ैंबतंस ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है।’’ यह बात 21 बार कहें। हाथ उठाने से पहले कहें ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ;ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमण्ष्द्ध 10 मणीपुर चक्र ;ैवसंत ब्ींातंद्ध पर चो-कू-रे बनायें तीन बार नाम लें। चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे, पाँचों उगलीयों कोें को इक्कठी करें 11 से 21 बार घडी़ की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलो ‘‘चार्ज है, चार्ज है, चार्ज है’’ (ब्ींतहमक)। मणीपुर चक्र ;ैवसंत ब्ींातंद्ध पर फिर चो-कू-रे बनायें तीन बार नाम लें। चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे और हाथ रख कर रेकी दे और बोलें ‘‘हे चो-कू-रे उर्जा मेरे मणीपुर चक्र (ैवसंत ब्ींातं) को चार्जड करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेट करो, बिलकुल ठीक करो।’’ यह बात तीन बार कहने के बाद बोलो ‘‘मेरा मणीपुर चक्र (ैवसंत ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है।’’ यह बात 21 बार कहें। हाथ उठाने से पहले कहें ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ;ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमण्ष्द्ध 11 अनाहत चक्र ;भ्मंतज ब्ींातंद्ध पर चो-कू-रे बनायें तीन बार नाम लें। चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे पाँचों उगलीयों को इक्कठी करें 11 से 21 बार घडी़ की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोल चक्र में घूमाते हुए बोलो चार्ज है, चार्ज है, चार्ज है (ब्ींतहमक)। अनाहत चक्र ;भ्मंतज ब्ींातंद्ध पर फिर चो-कू-रे बनायें तीन बार नाम लें। चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे और हाथ रख कर रेकी दे और बोलें ‘‘हे चो-कू-रे उर्जा मेरे अनाहत चक्र (भ्मंतज ब्ींातं) को चार्ज करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेट करो, बिलकुल ठीक करो।’’ यह बात तीन बार कहने के बाद बोलो, ‘‘मेरा अनाहत चक्र (भ्मंतज ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है।’’ यह बात 21 बार कहें। हाथ उठाने से पहले कहो, ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ;ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमण्ष्द्ध 12 विषुद्धी चक्र ;ज्ीतवंज ब्ींातंद्ध पर चो-कू-रे बनायें तीन बार नाम लें। चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे पाँचों उगलीयों को इक्कठी करें 11 से 21 बार घडी़ की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलें ‘‘चार्ज है, चार्ज है, चार्ज (ब्ींतहमक) है।’’ विषुद्धी ;ज्ीतवंज ब्ींातंद्ध पर फिर चो-कू-रे बनायें तीन बार नाम लें चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे और हाथ रख कर रेकी दें और बोलें, ‘‘हे चो-कू-रे उर्जा मेरे विषुद्धी चक्र (ज्ीतवंज ब्ींातं) को चार्ज करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेट करो, बिलकुल ठीक करो।’’ यह बात तीन बार कहने के बाद बोलें, ‘‘मेरा विषुघी चक्र (ज्ीतवंज ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है।’’ यह बात 21 बार कहें। हाथ उठाने से पहले कहो, ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ;ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमण्ष्द्ध 13 आज्ञा चक्र ;ज्ीपतक मलम ब्ींातंद्ध पर चो-कू-रे बनायें तीन बार नाम लें चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे पाँचों उगलीयों को इक्कठी करें 11 से 21 बार घडी़ की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलो ‘‘चार्ज है, चार्ज है, चार्ज (ब्ींतहमक) है।’’ आज्ञा चक्र ;ज्ीपतक मलम ब्ींातंद्ध पर फिर चो-कू-रे, बनायें तीन बार नाम लो। चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे और हाथ रख कर रेकी दें और बोलें, ‘‘हे चो-कू-रे उर्जा मेरे आज्ञा चक्र (ज्ीपतक मलम ब्ींातं) को चार्ज करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेट करो, बिलकुल ठीक करो।’’ यह बात तीन बार कहने के बाद बोलें, ‘‘मेरा आज्ञा चक्र (ज्ीपतक मलम ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है।’’ यह बात 21 बार कहें। हाथ उठाने से पहले कहें, ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमण्ष् 14 सहस्रार चक्र ;ब्तवूद ब्ींातंद्ध पर चो-कू-रे बनायें, तीन बार नाम लें। चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे पाँचों उगलीयों को इक्कठी करें 11 से 21 बार (ब्सवबा ूपेम) घडी़ की चाल में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलो ‘‘चार्ज है, चार्ज, चार्ज (ब्ींतहमक) है। ब्तवूद ब्ींातं पर हाथ रख कर रेकी नही देनी है। हाथ जोड़ कर तीन बार धन्यवाद करें। ;थ्वसक लवनत ींदके ंदक जींदा जीतपबम द्ध

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