2nd सिंबल (से.हे.की)

SEI-HEI-KI is ALWAYS USED IN SANDWICH                 CHO-KU-RE        +  SEI-HEI-KI  +  CHO-KU-RE
यह सिबंल अकेला काम नहीं करता और हमेशा ही दुसरे दो सिंबलों के बीच, सैडविच के रुप में प्रयोग किया जाता है जैसे चो-कू-रे $ से-हे-की $ चो-कू-रे इस सिंबल को नीचे दिये गए तीन चक्रों पर प्रयोग किया जाता है तथा कनपटी क्षेत्र ;ज्मउचसम ।तमंद्ध की रेकी करते समय भी इसका प्रयोग किया जाता है। ;1द्ध आज्ञा चक्र (ज्ीपतक म्लम ब्ींातं) पर रेकी देते हुए कहें: मेरा आत्म बल, मेरी याद शक्ति मेरी पूर्व आभास की शक्ति, आत्मिक शक्ति, दिमागी शक्ति, मेरी एकाग्रता की अनुभूति शक्तिशाली है (21 बार कहें)। ॅीपसम कवपदह त्मपाप वद ज्ीपतक म्लम ब्ींातं मगबसंपउरू. डल च्ीलेपुनमए उमउवतलए पदजनपजपवदए बवदबमदजतंजपवदए बवदेबपवनेदमेे ंदक पदजमससपहमदबम ंतम चवूमतनिस ;ैंल 21 जपउमेद्धण् ;2द्ध अनाहत चक्र (भ्मंतज ब्ींातं) पर रेकी देते हुए कहें: मेरी गलत भावनाएं और गलत आदते समाप्त हो गई हैं। (21 बार कहें) ॅीपसम कवपदह त्मपाप वद भ्मंतज ब्ींातं मगबसंपउरू. डल दमहंजपअम मउवजपवदे – दमहंजपअम इसवबो ंतम अंदपेीमक ;ेंल 21 जपउमेद्ध ;3द्ध मणीपुर चक्र (ैवसंत ब्ींातं) पर रेकी देते हुए कहें: मेरा क्रोध और चिड़चिड़ापन समाप्त हो गया है। (21 बार कहें) ॅीपसम कवपदह त्मपाप वद ैवसंत ब्ींातं मगबसंपउरू. डल ैीवतज जमउचमत – पततपजंजपवद ंतम अंदपेीमक ;ेंल 21 जपउमेद्ध से-हे-की चिन्ह के साथ अभ्यास की दिनचर्या ;क्।प्स्ल् त्म्प्ज्ञप् ॅप्ज्भ् ैमप.भ्मप.ज्ञप ैल्डठव्स्द्ध 1 अपनी मुट्ठियों को पूरे जोर से बंद करते हुए अपने शरीर में तीन बार अकड़न और कम्पन पैदा करें। 2 एकाग्र चित्त होकर 5 से 15 मिन्ट एकाग्र मन से ¬ या अपने इष्ट का जाप करो। 3 दोनों बाजुओं को उपर उठाते हुए कहें, ‘‘हे रेकी उर्जा मेरे हाथों से प्रवाहित हो’’ ;तीन बार बोलेंद्ध त्ंपेम इवजी लवनत ंतउे नचूंतके ूपजी बनचचमक चंसउे – पदअवाम ष् डंल त्मपाप सिवू तिवउ उल ींदकेष् ;त्मचमंज 3 जपउमेद्ध 4 दोनों हाथ जोड़ कर प्रार्थना करें: ‘‘हे ब्रहमांड की सारी शक्तियों मैं अपनी रेकी करने जा रहा हूँ कृप्या मेरी मदद करो, मुझे रास्ता दिखाओ, मुझे सुरक्षा प्रदान करो, जो मैं अपनी रेकी कर सकूं’’ ;तीन बार कहेंद्ध ष्डंल ंसस जीम कपअपदम चवूमते व िजीम नदपअमतेम चसमंेम ीमसच उमए चतवजमबज उमए हनपकम उम ेव जींज प् उंल ीमंस उलेमसष् ि;त्मचमंज 3 जपउमेद्ध 5 बायें हाथ (स्मजि भ्ंदक) को (मांगने वाली दशा) में रखो। 6 दाएंे हाथ ;त्पहीज भ्ंदकद्ध से सहस्रार चक्र ( ब्तवूद ब्ींातं ) के उपर चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध बनायें। एक बार चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध बनायें तीन बार नाम लें चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे। 11 या 21 बार घडी़ की उलटी चाल ;।दजप ब्सवबा ूपेमद्ध में हाथ गोलकार चक्र में घूमाते हुए पाँचों उगलीयों कोें को इक्कठा करके पाँच सात बार बोलो ‘‘शुद्व है, शुद्ध है, शुद्ध है’’ ;च्नतपपिमकए च्नतपपिमकए च्नतपपिमकद्ध। 7 इसी प्रकार आज्ञा चक्र ( ज्ीपतक मलम ब्ींातं ) से लेकर मूलाधार चक्र (त्ववज ब्ींातं) तक सारे चक्रों को शुद्व ;च्नतपलिद्ध करें। । 8 मूलाधार चक्र (त्ववज ब्ींातं) पर फिर चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) बनायें तीन बार नाम लो, चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध। पाँचों उगलीयों को इक्कठी करें 11 से 21 बार घड़ी की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलें ‘‘चार्ज है, चार्ज है, चार्ज है (ब्ींतहमक) है। मूलाधार चक्र (त्ववज ब्ींातं) पर फिर चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) बनायें तीन बार नाम लें चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध और हाथ रख कर रेकी दें और बोलें, ‘‘हे चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) उर्जा मेरा मूलाधार चक्र (त्ववज ब्ींातं) को चार्ज करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेट करो, बिलकुल ठीक करो।’’ यह बात तीन बार कहने के बाद बोलें, ‘‘मेरा मूलाधार चक्र (त्ववज ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है।’’ यह बात 11 से 21 बार कहें। ‘‘मेरी आर्थिक स्थिति ;थ्पदंदबपंस च्वेपजपवदद्ध दिन प्रतिदिन मजबूत ;ैजतवदहद्ध होती जा रही है।’’ यह बात 11 से 21 बार कहें। ‘‘मेरे जिन्दगी के तरक्की के रास्ते की सभी रुकावटें समाप्त हो चुकी हंै’’ 11 से 21 बार कहें अगर आपके किसी विषेड्ढ काम में रूकावट आ रही है वो बात भी 11 से 21 बार कहें। मेरे विदेष के वीजे की रास्ते की सभी रूकावटें समाप्त हो गयी हैं। मेरे सरकारी नौकरी मिलने की सभी रूकावटें समाप्त हो गयी हैं। मेरे परमोषन मिलने की सभी रूकावटें समाप्त हो गयी हैं। ऐसे हम किसी भी प्रकार की रूकावट को समाप्त करने के लिए यहां कह सकते हैं। हाथ उठाने से पहले कहें, ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ;ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमण्ष्द्ध 9 स्वाधिष्ठान चक्र (ैंबतंस ब्ींातं) पर चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) बनाऐं तीन बार नाम लें, चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध पाँचों उगलीयों को इक्कठी करें 11 से 21 बार घडी़ की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलें ‘‘चार्ज है, चार्ज है, चार्ज है (ब्ींतहमकए ब्ींतहमकए ब्ींतहमक)’’ स्वाधिष्ठान चक्र ;ैंबतंस ब्ींातंद्ध पर फिर चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) बनायें तीन बार नाम लें चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध और हाथ रख कर रेकी दंे और बोलें ‘‘हे चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) उर्जा मेरे स्वाधिष्ठान चक्र (ैंबतंस ब्ींातं) को चार्ज करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेट करो, बिलकुल ठीक करो।’’ यह बात तीन बार कहने के बाद बोलें, ‘‘मेरा स्वाधिष्ठान चक्र (ैंबतंस ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है।’’ यह बात 21 बार कहें। मेरे घर में ऐषप्रस्ती का सारा समान आ गया है। ये बात 11 से 21 बार कहें। (स्वाधिष्ठान चक्र ;ैंबतंस ब्ींातंद्ध पर आराम की वस्तुओं ;स्नगनतपमेद्ध के लिए विषेड्ढ कमांड दी जा सकती है जैसे की ‘‘मैं एक बढिया कार का मालिक बन गया हूँ। मैं एक बढिया कोठी का स्वामी बन गया हूँ। ऐसे हम किसी भी आराम की वस्तु ;स्नगनतपमेद्ध 11 से 21 बार बोल के प्राप्त कर सकते है।) मेरे मेरी पत्नी/पति के साथ प्यार भरे और अच्छे सम्बन्ध हैं। ये बात 11 से 21 बार कहें। (अविवाहित लोग विवाह के लिए अच्छी/अच्छे गुणवान सुन्दर लड़की/लड़के की माँग कर सकते हैं।, ‘‘मुझे मेरे मन का मीत मिल गया है’’।) हाथ उठाने से पहले कहें, ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ;ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमण्ष्द्ध 10 मणीपुर चक्र (ैवसंत ब्ींातं) पर चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) बनाऐं तीन बार नाम लें चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध पाँचों उगलीयों को इक्कठी करें 11 से 21 बार घडी़ की चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलें ‘‘चार्ज है, चार्ज है, चार्ज है (ब्ींतहमक) है’’ मणीपुर चक्र (ैवसंत ब्ींातं) पर फिर चो-कू-रे$से-हे-की$चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म़ैमप.भ्मप.ज्ञप़ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध बनायें तीन बार नाम लें। यहां हमने चो-कू-रे $ से-हे-की $ चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म़ैमप.भ्मप.ज्ञप़ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध सिंबल का प्रयोग किया है। अकेले अकेले सिंबल का नाम तीन तीन बार लेना है, और हाथ रख कर रेकी दें और बोलें, ‘‘हे चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) ऊर्जा, हे से-हे-की (ैमप.भ्मप.ज्ञमप) ऊर्जा, हे चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) उर्जा मेरे मणीपुर चक्र (ैवसंत ब्ींातं) को चार्ज करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेट करो, बिलकुल ठीक करो।’’ यह बात तीन बार कहने के बाद बोलें, ‘‘मेरा मणीपुर चक्र (ैवसंत ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है।’’ यह बात 21 बार कहें। (मणिपुर चक्र ;ैवसंत ब्ींातंद्ध पर हम किसी के साथ सम्बन्ध अच्छे करने के लिए विषेड्ढ कमांड दे सकते है जैसे ‘‘मेरा क्रोध और चिडचिडापन समाप्त हो गया है। (21 बार कहें) मेरे संबंध (त्मसंजपवद) (किसी भी व्यक्ति का नाम लेकर कहा जा सकता है) उस के साथ बहुत बढ़िया है या फिर कह सकते हैं कि ‘‘मेरे संबध सब के साथ बहुत बढिया है’’। (21 बार कहें) हाथ उठाने से पहले कहें, ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ;ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमण्ष्द्ध 11 अनाहत चक्र ;भ्मंतज ब्ींातंद्ध पर चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) बनायें तीन बार नाम लें चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्मए ब्ीव.ज्ञन.त्मए ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध पाँचों उगलीयों को इक्कठी करें 11 से 21 बार घड़ी की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलो ‘‘चार्ज है, चार्ज है, चार्ज है (ब्ींतहमक) है’’ अनाहत चक्र ;भ्मंतज ब्ींातंद्ध पर फिर चो-कू-रे $ से-हे-की $ चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म़ैमप.भ्मप.ज्ञप़ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध बनायें तीन तीन बार नाम लें। चो-कू-रे $ से-हे-की $ चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म़ैमप.भ्मप.ज्ञप़ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध और हाथ रख कर रेकी दे (अकेले अकेले सिंबल का नाम तीन तीन बार लेना है) और बोलें, ‘‘हे चो-कू-रे ऊर्जा, हे से-हे-की ऊर्जा, हे चो-कू-रे ऊर्जा मेरे अनाहत चक्र (भ्मंतज ब्ींातं) को चार्ज करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेटिड करो, बिलकुल ठीक करो। यह बात तीन बार कहने के बाद बोलें मेरा अनाहत चक्र (भ्मंतज ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है। (अनाहत चक्र ;भ्मंतज ब्ींातंद्ध पर हम किसी भी तरह की गलत आदतों एवं भावनाओं के लिए विषेड्ढ कमांड दे सकते है जैसे मेरी गलत भावनाए और गलत आदते समाप्त हो गई हैं। (21 बार कहें) किसी भी तरह की लत ;।ककपबजपवदद्ध को समाप्त करने के लिए 21 बार कहा जा सकता है। जैसे मेरी एक दिन में 20 कप चाय पीने की आदत कम हो गई है। (21 बार कहें) ;ष्डल ंसस दमहंजपअम मउवजपवदे – दमहंजपअम इसवबो ंतम अंदपेीमकष् ;त्मचमंज 21 जपउमेद्ध। हाथ उठाने से पहले कहें, ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ;ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमण्ष्द्ध 12 विशुद्धी चक्र ;ज्ीतवंज ब्ींातंद्ध पर चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) बनायें तीन बार नाम लें चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध पाँचों उगलीयों को इक्कठी करें 11 से 21 बार घड़ी की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलें चार्जड (ब्ींतहमक) है। विशुद्धी चक्र (ज्ीतवंज ब्ींातं) पर फिर चो-कू-रे (ब्ीव.ज्ञन.त्म) बनायें तीन बार नाम लें। चो-कू-रे,चो-कू-रे,चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध और हाथ रख कर रेकी दें और बोलें ‘‘हे चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध उर्जा मेरे विशुद्धी चक्र (ज्ीतवंज ब्ींातं) को चार्ज करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेट करो, बिलकुल ठीक करो।’’ यह बात तीन बार कहने के बाद बोलें मेरा विशुद्धी चक्र (ज्ीतवंज ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है। यह बात 21 बार कहें। (विड्ढुद्धी चक्र ;ज्ीतवंज ब्ींातंद्ध पर हम किसी भी प्रकार से अपने सच्चे मार्गदर्षन के लिए विषेड्ढ कमांड दे सकते है जैसे गुरु महाराज की कृपा हो गई है। खूब धन आ गया है, सुख सुविधा का सामान आ गया है, पैसा आ गया है। 21 बार कहें ‘‘गुरु महाराज मुझे स्वयं सही रास्ता दिखा रहें हैं ;ज्तनसल ळनपकमद्ध कर रहे है।’’ (मोटापा/वजन कम करनेे के लिए या बढाने के लिए यहां कमांड दी सकती है। कद बढाने के लिए भी यहां कमाँड दी जा सकती है।) हाथ उठाने से पहले कहें, ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ;ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमण्ष्द्ध 13 आज्ञा चक्र ;ज्ीपतक मलम ब्ींातंद्ध पर चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध बनायें, तीन बार नाम लें चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे, ;ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध। पाँचों उगलीयों को इक्कठी करें 11 से 21 बार घडी़ की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलाकार चक्र में घूमाते हुए बोले चार्जड (ब्ींतहमक) है। आज्ञा चक्र (ज्ीपतक मलम ब्ींातं) पर फिर चो-कू-रे$ से-हे-की$चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म़ैमप.भ्मप.ज्ञप़ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध बनायें तीन-तीन बार नाम लें। ;ब्ीव.ज्ञन.त्म़ैमप.भ्मप.ज्ञप़ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध और हाथ रख कर रेकी दें और बोलें, ‘‘हे चो-कू-रे ऊर्जा, हे से-हे-की ऊर्जा, हे चो-कू-रे ऊर्जा ;ब्ीव.ज्ञन.त्म ैमप.ीमप.ाप ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध मेरे आज्ञा चक्र (ज्ीपतक मलम ब्ींातं) को चार्ज करो, पोजिटिव करो, कल्रफुल करो, ऐक्टीवेट करो, बिलकुल ठीक करो।’’ यह बात तीन बार कहने के बाद बोलें, ‘‘मेरा आज्ञा चक्र (ज्ीपतक मलम ब्ींातं) चार्जड है, पोजिटिव है, कल्रफुल है, ऐक्टीवेटिड है, बिलकुल ठीक है।’’ यह बात 21 बार कहें। (आज्ञा चक्र ;ज्ीपतक मलम ब्ींातंद्ध पर हम किसी भी प्रकार की चिंता या तनाव को दूर करने के लिए विषेड्ढ कमांड दे सकते है जैसे किसी प्रकार की चिंता, तनाव नहीं है ;छव क्मचतमेेपवद छव ज्मदेपवदद्ध कारोबार बढ़िया चल रहा है, मैं 100ः कर्ज मुक्त हो गया हूँ, दिमाग आराम में ;त्मसंगमकद्ध हैं (एक एक वाक्य 21 बार कहें) ‘‘मेरा आत्मबल, मेरी याद शक्ति, मेरी पूर्व-आभास की शक्ति, मेरी आत्मिक शक्ति, मेरी दिमागी शक्ति और मेरी एकाग्रता शक्तिशाली है’’ (21 बार कहें) हाथ उठाने से पहले कहें, ‘‘मैं इस उर्जा को लगातार उपचार के लिए स्थापित करता हूँ, स्थापित हो, स्थापित हो, स्थापित हो।’’ ;ष्प् ैजंइपसप्रम जीपे मदमतहल वित बवदजपदनवने ीमंसपदहण् ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमए ैजंइपसप्रमण्ष्द्ध 14 सहस्रार चक्र (ब्तवूद ब्ींातं) पर चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध बनायें तीन बार नाम लें। चो-कू-रे, चो-कू-रे, चो-कू-रे ;ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्म ब्ीव.ज्ञन.त्मद्ध पाँचों उगलीयों को इक्कठी करें 11 से 21 बार घडी़ की सीधी चाल (ब्सवबा ूपेम) में हाथ को गोलकार चक्र में घूमाते हुए बोलो चार्ज (ब्ींतहमक) है। सहस्रार चक्र ;ब्तवूद ब्ींातंद्ध पर हाथ रख कर रेकी नहीं देनी है। हाथ जोड़ कर ईश्वर का 3 बार धन्यवाद करें। ;थ्वसक लवनत ींदके ंदक जींदा जीतपबमद्ध ls-gs-dh         (Sei-Hei-ki)   jax & xqykch   Colour – Pink Emotions Balancing Symbol  

Leave a Reply

X