लक्ष्य और इसकी प्रतीपूती

लक्ष्य दो प्रकार के हो सकते हैं। छोटा अथवा बड़ा। लक्ष्य की परिभाषा में ना जाकर लक्ष्य की प्राप्ती की ओर ध्यान दें। यदि किसी उपलब्धी की प्राप्ती में कोई बाधा या रूकावट आ रही है तो इसका मतलब ये है कि इस कार्य-विधि में उपचार की आवश्यकता है। उपचार के लिए अपने लक्ष्य को एक कागज पर लिखें, हो सके तो लक्ष्य को एक विशेष नाम दें, विवरण स्पष्ट हो। यदि लक्ष्य प्राप्ति की कोई तिथि हो तो उसको भी लिखें। कागज पर तीनों सिंबल 3$2$1 यानि होन-शा-जे-शो-नैन $ से-हे-की $ चो-कू-रे बनायें। प्रतिदिन इस कागज पर कम से कम 20 मिन्ट रेकी दें। यदि लक्ष्य आपकी आत्मा में लय-बद्ध हो जाता है तो इस की प्राप्ती सहज ही हो जायेगी। ध्यान योग्य
  1. लक्ष्य स्पष्ट हो। अधूरा, अटपटा विवरण ना हो। जैसे मैं अपना वजन कम करना चाहता हूँ तो लक्ष्य ‘‘मेरा वजन कम हो जाये’’ नहीं हो सकता, ऐसे हो ‘‘मेरा वजन 15 किलो कम हो गया है’’।
  2. लक्ष्य को समय-बद्ध करें। दिन या तिथि का हवाला जरूर दें।
  3. हमारा बायां दिमाग तर्कशील होता है और कई प्रकार के तर्क देकर लक्ष्य को निर्मित करने में बाधा डालता है इस का ध्यान रखें। जैसे एक युवक/युवती जो अभी अभी शिक्षा प्राप्ती के बाद व्यवसाय की तलाश में हैं, उसका लक्ष्य दो साल में करोड़पति बनने का है तो बायां दिमाग तर्क से बाधा डालेगा। युवक/युवती अपने दृढ़ संकल्प से इस बाधा को पार करेगा और लक्ष्य की प्राप्ती होगी।
  4. भविष्य में पूरे होने वाले लक्ष्य की पूरी तस्वीर अपने दिमाग में स्पष्ट कर रेकी दें। परिणाम आश्चर्यचकित होगा।
  5. पानी को चार्ज करते समय अपने लक्ष्य का विवरण दें। सिंबलों सहित पानी की रेकी करें और पानी का सेवन करें तो लक्ष्य प्राप्ती जरूर होगी। किसी खोई हुई वस्तु/घटना को याद करनाः- विधि: 1. दोनों हथेलियों को चो-कू-रे के साथ शुद्ध करें और चार्ज करें।
    1. एकाग्र चित्त होकर दूसरे सिंबल से-हे-की का ध्यान करें।
    2. से-हे-की को आकाश में गुलाबी रंग का बना, अवलोकन करें (टपेनंसप्रंजपवद)
    3. अन्त्रःध्यान होकर प्रार्थना करें मेरी भूली हुई वस्तु/घटना याद आ जाये/मिल जाये।
    4. प्रार्थना करने के बाद अपने काम में लग जायें, अचानक आपको सब कुछ याद आ जायेगा। पुस्तक, पाठ या पाठ का कुछ हिस्सा चार्ज करना:-
    5. पुस्तक, पाठ या पाठ का कुछ हिस्सा जो याद करना है, चो-कू-रे सिंबल के साथ शुद्ध करो और चार्ज करो।
    6. पुस्तक या पाठ पर क्रमानुसार 3$2$1 होन-शा-जे-शो-नैन $ से-हे-की $ चो-कू-रे स्थापित करो।
    7. हाथों से रेकी दें।
    8. इच्छा प्रगट करो कि अमुक किताब, पाठ या किताब का अमुक भाग मुझे याद हो गया है, इसका मुझे पूरा ज्ञान हो गया है और समझ आ गया है और रेकी करेंः ‘‘ब्रंह्मांड की सभी शक्तियों इस पुस्तक पाठ को याद करने की शक्ति प्रदान करो। यह पुस्तक या पाठ का हिस्सा पोजिटिच है, चार्जड है, कलरफुल है, एकटीवेटिड है और मुझे पूरी तरह याद हो गया है।’’
    9. यह इच्छा भी प्रगट करो कि याद की हुई पुस्तक, पुस्तक के विशेष भाग और पाठ में से ही परीक्षा में प्रश्न आयें हैं और मैने उन्हें संपूर्ण रूप में उत्तर (रूपांतर कर) दिये हैं। नोटः- इसी प्रकार कलम (च्मद), पैन्सिल, कापीयों, पढ़ने वाली कोई भी सामग्री, जमैटरी बाॅक्स, बैग आदि को चार्ज कर सकते हैं।

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