रेकी के लाभ (ठमदमपिजे)

ऽ रेकी जीवन भर हमारा साथ निभाती है। ऽ दर्द/पीड़ा को कम/दूर करती है। ऽ हमारी पूर्वाभास की शक्ति को बढ़ाती है। ऽ हमारी अध्यात्मकता को शक्ति प्रदान करके प्रफुल्लित करती है। ऽ पशु, पक्षीयों, पेड़, पौधों पर चमत्कारिक प्रभाव दिखाती है। ऽ हमारी प्रति-रक्षा प्रणाली को सदृढ़ करती है। ऽ थकान तथा दुखते अंगों को आराम प्रदान करती है। ऽ चिंता और तनाव को कम करके पूरे शरीर को हल्कापन प्रदान करती है। ऽ हमारी धार्मिक भावनाओं के साथ रेकी का किसी तरह का टकराव नहीं है। ऽ पारम्परिक चिकित्सा प्रणाली से इसका कोई टकराव नहीं अतः रोगी के स्वास्थय लाभ को तेजी प्रदान करती है। ऽ रेकी शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्तर पर सदृढ़ता प्रदान करती है। ऽ यह भ्मंसमत और भ्मंसमम दोनों को शारीरिक और आत्मिक स्तर पर शक्ति प्रदान करती है। ऽ रेकी करने वाले को आत्म-बोध प्रदान करती है। ऽ मानसिक तनाव को कम करने और रक्त-चाप (ठसववक च्तमेेनतम) को कम करने में हमारी सहायता करती है। ऽ इससे प्रेम, सहानुभूति, विश्वास और दूसरों के प्रति स्नेह-भाव पैदा होता है। ऽ रेकी व्याधी के बुरे प्रभावों अथवा कारणों को मिटाकर, संगरचना को संतुलन प्रदान करती है। ऽ रेकी ऊर्जा को संचालित, सशक्त और कार्यकारी कर शरीर में स्फूर्ति से भर देती है। ऽ रेकी स्वःचालित बुद्धीमान ऊर्जा है जो स्वयं ही जरूरत वाले स्थान तक संचालित हो जाती है। ऽ दीक्षा प्राप्तकर्ता जैसे ही किसी वस्तु को छूता है रेकी उसी समय प्रवाहित होना शुरू हो जाती है। ऽ रेकी मनुष्य मात्र की सभी कोशिकाओं को प्रत्येक सतह पर खोलने की कुंजी है। ऽ मनुष्य एक समाजिक प्राणी है और सदैव समाज में रहना चाहता है। यदि किसी कारणवश व्यक्ति को एकान्त में रहना पड़ ही जाये तो रेकी ऊर्जा उसका साथ निभाने के लिए तत्पर रहती है। ऽ रेकी मृत्यु नहीं रोक सकती पर इस जीवन से उस लोक का प्रस्थान सुग्म करती है। निम्नलिखित कुछ व्याधीयाँ है जिनका उपचार रेकी में संभव है। ऽ ैजतमेे तिवउ ूवता ऽ च्ंपदनिस रवपदजे ऽ ैजवउंबी कपेवतकमत ऽ क्मचतमेेपवद ऽ च्वेज वचमतंजपअम कपेबवउवितज ऽ ठंबा ंबीम ऽ थ्ंजपहनम ऽ प्देवउंदपं वत ेसममच कपेवतकमत ऽ ज्तंनउं ऽ छमहंजपअम कपेवतकमत सपाम जतवउइवदमे ऽ थ्मंत हतममक ींजतमक ंदगपमजल ऽ म्उवजपवदंस चतवइसमउे कपअवतबम वत ेमचंतंजपवद ऽ प्उचमदकपदह मगंउपदंजपवद ऽ श्रवइ पदजमतअपमूे म्कनबंजपवद तमंसंजमक चतवइसमउे ऽ स्महंस चतवइसमउे ऽ च्तमध्चवेज दंजंस चतवइसमउे ऽ डपहतंपदम तमसंजमक ीमंकंबीमे ऽ ैमंेवद ंििमबजमक कपेवतकमते ऽ ज्तंचचमक दमतअमे ऽ बंतकव दृअंेबनसमत कपेवतकमते ऽ टपें तमसंजमक चतवइसमउे ऽ ठतवामद ठवदमे ;ज्ीमेम ठवदमे ेीवनसक इम ेमज इल ं ेचमबपंसपेज इमवित ेजंतजपदह त्मपापद्ध ऽ ैपदनेपजेए मजबण् मजबण्
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ऽ ज्ञदवू जीम तववज बंनेम व िलवनत कपेमंेमध्कपेमंेमे ऽ ज्ञदवू लवनत 7 ब्ींांतंे ऽ टपजंस थ्वतबम ;ठवकल म्दमतहल स्मअमसद्ध ऽ म्दमतहल समंांहम ऽ थ्नजनतम मगचमबजमक कपेवतकमते ऽ ।बपकध्।सांसपदम प्उइंसंदबम ऽ म्ििमबजे व िमदअपतवदउमदज – अंेजन ऽ ैजतमेेनिस ।तमंे ऽ टंेजन कममिबजे व िभ्वनेम वत ूवता चसंबम ऽ म्दमतहल पिमसक व िळमउेए ब्तलेजंसेए उमजंसए विवक मजबण्

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